भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मुंबई के उपनगर क़ुरार पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर संजीव बलिराम तावड़े और सब-इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर गोविंदराव जुन्ने को एक लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। इनमें से संजीव तावड़े मुंबई पुलिस का बड़ा ‘खिलाड़ी’ माना जाता था। भ्रष्टाचार के आरोप में वह पहले भी सस्पेंड हो चुका है। उस पर यह भी आरोप है कि वह एडिशनल कमिश्नर की सिग्नेचर कर पुलिसवालों की ड्यूटी ऊपरी कमाईवाली जगह पर लगा देता था।
पेशे से वकील शिकायतकर्ता के खिलाफ एक व्यक्ति ने धोखाधड़ी की लिखित शिकायत की थी। साथ ही उसके भाई ने वकील के खिलाफ दुष्कर्म की मौखिक शिकायत की थी। दोनों शिकायतों में शिकायतकर्ता को अरेस्ट न करने के बदले संजीव तावड़े 3 लाख रुपये मांग रहा था। वकील ने 2 लाख रुपये दे भी दिए थे। बाकी के एक लाख रुपये को भी ज्ञानेश्वर जुन्ने के जरिये मांग रहा था। यही एक लाख रुपये लेते ACB ने 18 फरवरी 2026 को संजीव तावड़े और ज्ञानेश्वर जुन्ने को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद संजीव तावड़े के घर की तलाशी में ACB ने 6.34 लाख रुपये और बरामद किए। ACB ने संजीव तावड़े के दो मोबाइल फोन और जुन्ने का एक मोबाइल फोन भी जांच के लिए जब्त कर लिया है।
मालूम पड़ा कि संजीव तावड़े साल 2002 में वर्ली पुलिस स्टेशन में सब इंस्पेक्टर था। तब उसके खिलाफ हफ्ता उगाही की शिकायत हुई थी और वह सस्पेंड हुआ था।
साल 2017 में दहिसर में 16 एकड़ (60 करोड़ रुपये कीमत) के एक भूखंड पर कब्ज़े के मामले में भी CBI ने इंक्वायरी की थी और संजीव तावड़े और 5 अन्य अधिकारियों को तात्कालिक पुलिस कमिश्नर संजय बर्वे ने सस्पेंड कर दिया था। भूखंड पर कब्ज़े के लिए संजीव तावड़े ने भूखंड मालिक को रॉबरी के फर्जी केस में फंसा दिया था।
एक और मजेदार कहानी। संजीव तावड़े मुंबई पुलिस के LA-1 विभाग नायगांव (भोईवाड़ा) में कार्यरत था। नॉर्मली LA विभाग में ऊपरी कमाई नहीं होती। संजीव तावड़े पुलिसवालों की ड्यूटी ऐसी जगह लगा देता था जहां ऊपरी कमाई होती थी। इसके बदले वह पुलिसवालों से पैसा लेता था। सबसे बड़ी बात ड्यूटी लगाने के लिए एडिशनल कमिश्नर की सिग्नेचर लगती है। संजीव तावड़े अडिशनल कमिश्नर की सिग्नेचर खुद कर देता था। इस मामले की जांच अभी भी चल रही है। जांच अधिकारी खार पुलिस स्टेशन में पोस्टेड है।

The role of the Investigative journalist Shri Akela is commendable and these wrongdoings seeing the light of the day will nail him while the ACB sleuths might deal with an iron hand
Hats off to the Crime Journalist who has already proved his role in exposing crime especially by the high and mighty